एयरपोर्ट के पास की जमीनों की खरीदी-बिक्री पर रोक, क्या रीवा में होने वाला है बड़ा बदलाव?

 रीवा
 रीवा के उमरी और चोरहटा में अचानक जमीन की खरीदी-बिक्री पर रोक लगा दी गई है… आखिर ऐसा क्या होने वाला है कि 800 किसानों की 140 एकड़ जमीन अधिग्रहण की तैयारी चल रही है? मामला एयरपोर्ट विस्तार से जुड़ा है, जो इलाके की तस्वीर बदल सकता है।

रीवा में एयरपोर्ट विस्तार को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। उमरी और चोरहटा गांव की जमीनों की प्रशासन ने खरीदी-बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है। अब इन इलाकों में जमीन ना बेची जा सकेगी, ना खरीदी जा सकेगी, और ना ही नामांतरण या डायवर्जन किया जा सकेगा।

जानकारी के मुताबिक, एयरपोर्ट विस्तार के लिए इन दोनों गांवों की करीब 140 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। इस जमीन के अधिग्रहण से लगभग 800 किसान प्रभावित होंगे। इनमें चोरहटा के करीब 500 और उमरी के लगभग 300 किसान शामिल हैं।  

ये भी पढ़ें :  एमपी में अंतरराष्ट्रीय उड़ान का सपना: 300 एकड़ पर तैयार होगा नया एयरपोर्ट

SDM ने लगाया प्रतिबन्ध 
जैसे ही जमीन अधिग्रहण की खबर फैली, कई किसानों ने जल्दी-जल्दी अपनी जमीन बेचनी शुरू कर दी। इसी को देखते हुए प्रशासन ने यह रोक लगा दी, ताकि मुआवजे में किसी तरह की गड़बड़ी या अतिरिक्त खर्च न हो। इस बारे में SDM हुजूर डॉ. अनुराग तिवारी ने बताया कि ये फैसला सरकारी खर्च को नियंत्रित रखने के लिए लिया गया है।

ये भी पढ़ें :  FSSAI लाइसेंस के नए आवेदन, नवीनीकरण या संशोधन के लिए अब पेन भी जरूरी

बताया जा रहा है कि जमीन अधिग्रहण के लिए राजस्व विभाग का सर्वे लगभग पूरा हो चुका है। 

446 एकड़ रकबे का होगा रीवा एयरपोर्ट 
वर्तमान में रीवा एयरपोर्ट करीब 306 एकड़ में बना हुआ है। अब 140 एकड़ जमीन जुड़ने के बाद इसका कुल रकबा बढ़कर 446 एकड़ हो जाएगा। अभी रीवा से दिल्ली, इंदौर, भोपाल और रायपुर के लिए फ्लाइट सेवाएं चल रही हैं। आने वाले समय में कोलकाता के लिए भी उड़ान शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

नेशनल लेवल पर होगा डेवलपमेंट 
एयरपोर्ट के रनवे को भी बढ़ाने की योजना है। अभी रनवे की लंबाई करीब 1800 मीटर है, जिसे बढ़ाकर 2300 मीटर किया जाएगा। इससे बड़े विमान, जैसे एयरबस A320, यहां आसानी से उतर और उड़ान भर सकेंगे। 

ये भी पढ़ें :  भोपाल में सियासी टकराव: पथराव में भाजयुमो नेता घायल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ICU में

प्रशासन का कहना है कि रीवा एयरपोर्ट को अब राष्ट्रीय स्तर के अनुसार विकसित करने की योजना है। इसके लिए 140 एकड़ अतिरिक्त जमीन की जरूरत बताई गई है और इस संबंध में प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है।

यह पूरी प्रक्रिया 17 मई 2023 को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और मध्यप्रदेश सरकार के बीच हुए समझौते के बाद शुरू हुई थी। प्रशासन ने ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।

 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment